संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के अनुसार, साक्षात्कार लिए गए 95% से अधिक यूक्रेनी युद्धबंदियों ने यातना या दुर्व्यवहार का अनुभव होने की बात कही है। रूसी हिरासत में रहे इन युद्धबंदियों ने भयानक अनुभवों का सामना किया, जिसमें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना शामिल है। रिपोर्ट में यौन शोषण के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। यह खुलासा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले बढ़ते सबूतों में नवीनतम है। संयुक्त राष्ट्र आगे इस मामले की जांच कर रहा है और दोषियों को जवाबदेह ठहराने का प्रयास कर रहा है। यह घटना यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के दौरान युद्धबंदी के अधिकारों के प्रति गहरी चिंता पैदा करती है। इस रिपोर्ट से रूस पर युद्ध अपराधों के आरोपों में भी वृद्धि हो सकती है।

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