संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने पिछले वर्ष वेस्ट बैंक में हुई सैन्य कार्रवाई के कारण 33,000 से अधिक फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन पर चिंता व्यक्त की है। कार्यालय ने कहा है कि यह कार्रवाई मानवता के खिलाफ अपराध के समान हो सकती है। इस विस्थापन से प्रभावित लोगों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत विस्थापन केवल असाधारण परिस्थितियों में ही उचित ठहराया जा सकता है। इस मामले में, विस्थापन के कारणों और परिस्थितियों की गहन जांच की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से नागरिक आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का आग्रह किया है। इस घटना ने क्षेत्र में पहले से ही व्याप्त तनाव को और बढ़ा दिया है।