संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने तुर्की की संसद द्वारा पारित कानूनी संशोधनों की कड़ी निंदा की है, जिससे बच्चों के लिए जेल की सजा बढ़ जाएगी। संशोधनों के तहत बच्चों को सीधे शिक्षा-आधारित पुनर्वास संस्थानों में रखने की प्रथा को बंद कर दिया गया है और उन्हें बंद किशोर सुविधाओं में अपनी सजा काटनी होगी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के अनुसार, बंद सुविधाओं से स्थानांतरण अब मूल्यांकन पर निर्भर करेगा। पहले, बच्चों को सीधे पुनर्वास संस्थानों में भेजा जाता था। इन संशोधनों से बच्चों के अधिकारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। मानवाधिकार प्रमुख ने इस बदलाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और तुर्की से इन कानूनों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। यह निर्णय बच्चों के पुनर्वास और पुन: एकीकरण के प्रयासों को कमजोर कर सकता है।

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