संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने रोहिंग्या मुसलमानों की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई करने और रोहिंग्या लोगों की सहायता करने का आग्रह किया है। गुटेरेस ने जोर देकर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों की जिम्मेदारी है कि वे इस संकट को हल करने में योगदान दें। उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों के मानवाधिकारों की रक्षा करने और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। महासचिव ने देशों से मानवीय सहायता बढ़ाने और राजनीतिक समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करने का भी आह्वान किया। यह संकट रोहिंग्या समुदाय के लिए एक गंभीर मानवीय चुनौती बनी हुई है, और अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है। गुटेरेस ने उम्मीद जताई कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस मामले में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करेगा।