संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आज उन प्राकृतिक संसाधनों के "शोषण" और "लूटपाट" को समाप्त करने का आह्वान किया, जो उत्पादक देशों और प्रभावित समुदायों के लिए कोई अतिरिक्त मूल्य उत्पन्न नहीं करते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग स्थानीय समुदायों के लाभ के लिए किया जाना चाहिए। गुटेरेस ने टिकाऊ विकास और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण की वकालत की। उनका कहना है कि मौजूदा प्रणाली अक्सर विकसित देशों को लाभ पहुँचाती है जबकि उत्पादक राष्ट्र पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने इस स्थिति को बदलने और संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। महासचिव ने प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर भी चिंता व्यक्त की और अधिक जिम्मेदार दृष्टिकोण का आग्रह किया। यह आह्वान वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक संसाधनों के निष्कर्षण और उपयोग के तरीके पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता को दर्शाता है।