लिवर कैंसर से पीड़ित एक बुजुर्ग व्यक्ति को ट्रांसप्लांट के लिए इंतजार करना जारी रहेगा, क्योंकि एक नई अल्ट्रासाउंड प्रक्रिया से उन्हें लाभ हुआ है। इस प्रक्रिया में, छोटे गैस से भरे बुलबुले बनाकर ट्यूमर को तरल में परिवर्तित किया जाता है। यह तकनीक ट्यूमर को नष्ट करने और रोगी को ट्रांसप्लांट के योग्य बनाए रखने में सफल रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यह प्रक्रिया पारंपरिक उपचारों की तुलना में कम आक्रामक है और रोगी के लिए बेहतर परिणाम दे सकती है। इस नई तकनीक के कारण, बुजुर्ग व्यक्ति अब ट्रांसप्लांट के लिए बेहतर स्थिति में हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं। यह प्रक्रिया कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।