उलानबटोर शहर की मौजूदा सीवेज प्रणाली 63 वर्षों से उपयोग में है, जिसमें 51.6 किमी लंबी बाढ़ सुरक्षा तटबंध और 107.6 किमी लंबी नहरें शामिल हैं। इनमें से 86.7 किमी की उपयोगिता अवधि समाप्त हो चुकी है। 2024 में आई बाढ़ से शहर के छह जिलों के 40 से अधिक वार्ड प्रभावित हुए, जिससे बाढ़ नियंत्रण संरचनाओं के चरणबद्ध नवीनीकरण की आवश्यकता महसूस हुई। इसके परिणामस्वरूप, "भूमिगत जल और बाढ़ नियंत्रण" परियोजना शुरू की गई है, जिसमें शहर के 22 स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण संरचनाओं और वर्षा जल निकासी प्रणालियों का निर्माण शामिल है। विश्व बैंक के वित्तपोषण से "उलानबटोर शहर में बाढ़ के जोखिम को कम करने और सीवेज लाइनों की मरम्मत" परियोजना के तहत 95.5 किमी लंबी नई बाढ़ सुरक्षा तटबंधों और नहरों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना का पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन (ईआईए) 90% से अधिक पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, 40 किमी लंबी सीवेज लाइनों की मरम्मत के लिए एक नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे सड़कों को नुकसान पहुंचाए बिना लाइनों को बदला जा सकेगा।