विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम घरेलू मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगे। इस बदलाव से यूक्रेन और ग्रीनलैंड के लिए समर्थन में कमी आ सकती है। हालांकि, डेनमार्क इस स्थिति को लेकर चिंतित नहीं है। उनका कहना है कि ब्रिटेन की विदेश नीति में संभावित बदलावों से डेनमार्क पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। डेनमार्क का मानना है कि वे अपनी विदेश नीति और क्षेत्रीय हितों की रक्षा करने में सक्षम हैं। यह स्थिति डेनमार्क को अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान कर सकती है। कुल मिलाकर, डेनमार्क का मानना है कि ब्रिटेन के भीतर राजनीतिक बदलावों से उनकी स्थिति प्रभावित नहीं होगी।