जुलाई में, यूके, इटली और जापान के बीच GCAP समझौते ने कनाडा को एक ‘पर्यक्षक’ के रूप में स्वागत किया। अब, यूके के बर्नहैम ने जर्मनी को इस लड़ाकू जेट कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना के लिए ‘खुला’ बताया है। यह कदम इस परियोजना के विस्तार और दायरे को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य एक अगली पीढ़ी का लड़ाकू विमान विकसित करना है। बर्नहैम का बयान जर्मनी के संभावित योगदान और इस महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग में उसकी भूमिका का संकेत देता है। इस संयुक्त प्रयास ने पहले ही वैश्विक रक्षा उद्योग में ध्यान आकर्षित किया है। जर्मनी की भागीदारी GCAP कार्यक्रम की तकनीकी क्षमताओं और भू-राजनीतिक प्रभाव को और बढ़ा सकती है। इस विकास से यह संकेत मिलता है कि कार्यक्रम अधिक देशों को शामिल करने के लिए इच्छुक है।