ब्रिटेन, इटली और जापान वैश्विक युद्ध वायु कार्यक्रम (Global Combat Air Programme) पर काम कर रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य यूरोफाइटर टाइफून (Eurofighter Typhoon) और मित्सुबिशी एफ-2 (Mitsubishi F-2) जैसे विमानों को बदलना है जिनका उपयोग ये देश करते हैं। ब्रिटेन के बर्नहम ने जर्मनी के इस परियोजना में शामिल होने की संभावना जताई है। यह कदम तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करेगा। इस परियोजना से भविष्य के युद्ध विमानों के विकास में मदद मिलेगी। यह तीनों देशों की वायु रक्षा क्षमताओं को भी बढ़ाएगा। जर्मनी की भागीदारी से परियोजना को और गति मिलेगी, जिससे आधुनिक विमानों का विकास संभव हो सकेगा।