यूक्रेन की संसद ने 1944 और 1946 के बीच कार्पाथियाई हंगेरियन लोगों के खिलाफ सोवियत अत्याचारों को मान्यता दी है और उनकी निंदा की है। यह फैसला क्षेत्र में हंगेरियन समुदाय के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। यूक्रेन ने इन घटनाओं को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुई थीं। इस मान्यता से दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद है। हंगेरी सरकार ने पहले ही इस कदम की सराहना की है। संसद का यह निर्णय पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। इस स्वीकृति से प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद है।