रूसी विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी रूढ़िवादी चर्च (यूओसी) के पुजारियों की जबरन सैन्य भर्ती 2025 से बढ़ गई है। भर्ती केंद्रों पर पुजारियों को दबाव डालने, उनसे धन वसूलने और कानूनी छूटों को अनदेखा करने के आरोप लगे हैं। मंत्रालय का दावा है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है और पुजारियों को डराने-धमकाने का प्रयास है। रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी पर भी प्रकाश डाला गया है। रूस ने इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय चिंता व्यक्त करते हुए, यूक्रेन से पुजारियों के अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया है। यह घटनाक्रम यूक्रेन में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। स्थिति की निगरानी की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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