रूस में तेल रिफाइनरी, सैन्य-औद्योगिक परिसर और लॉजिस्टिक्स केंद्रों में लगभग हर दिन आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। यूक्रेनी ड्रोन इन हमलों को संभव बना रहे हैं, जिनकी रेंज लगातार बढ़ रही है। ये ड्रोन अब मॉस्को तक भी पहुंचने में सक्षम हैं, जिससे रूस की ऊर्जा अवसंरचना पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य रूसी शहेद ड्रोन ऑपरेटरों को भी लक्षित करना है, जिससे रूस की ड्रोन क्षमताओं को कमजोर किया जा सके। माना जा रहा है कि ये हमले यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई का हिस्सा हैं और रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन ड्रोन तकनीक में लगातार सुधार कर रहा है, जिससे ये हमले अधिक सटीक और प्रभावी होते जा रहे हैं। इन हमलों से रूस की तेल उत्पादन क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिसका वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ सकता है।