यूक्रेन ने हाल ही में नए ड्रोन विकसित किए हैं जो स्टारलिंक पर निर्भर नहीं करते हैं। ये ड्रोन ऑनबोर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस हैं, जिससे वे स्वतंत्र रूप से लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं और उन पर हमला कर सकते हैं। रूस इन ड्रोन के संचार को बाधित करने के लिए 1.5 मिलियन डॉलर खर्च कर रहा है, लेकिन AI तकनीक के कारण जैमिंग का प्रभाव सीमित है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह तकनीक रूस के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि पारंपरिक जैमिंग विधियां अब प्रभावी नहीं हैं। इन ड्रोन की स्वायत्तता उन्हें अधिक विश्वसनीय और प्रभावी बनाती है। यूक्रेन का यह नवाचार युद्ध के मैदान में तकनीकी श्रेष्ठता हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह रूस की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं के खिलाफ एक मजबूत प्रतिक्रिया भी है।
