यूक्रेन द्वारा रूसी बुनियादी ढांचे पर जारी हमलों के कारण रूस में ईंधन की भारी कमी हो गई है। इन हमलों के परिणामस्वरूप, रूस को अपने निर्यात को सीमित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ईंधन की कमी से रूसी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और देश में मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति रूस में मंदी (स्टैगफ्लेशन) की आशंका को बढ़ा रही है। यूक्रेन के ड्रोन हमले रूस की ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करने में सफल रहे हैं, जिससे परिवहन और औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ है। इस संकट के बढ़ने से रूस की आर्थिक स्थिरता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रूस सरकार तत्काल कदम उठा रही है, लेकिन अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं देखा गया है।