यूक्रेन में पकड़े गए रूसी सेना के उन सैनिकों की कहानी सामने आई है जिनका जन्म यूक्रेन में हुआ था। इन सैनिकों पर देशद्रोह का आरोप है, लेकिन वे खुद को रूस का रक्षक मानते हैं। पश्चिमी यूक्रेन के एक युद्धबंदी शिविर में बंद इन सैनिकों का कहना है कि वे अपने राष्ट्र, रूस की रक्षा कर रहे थे। उनका दावा है कि उन्होंने हमेशा रूसी संस्कृति और भाषा को अपनाया है और रूस के प्रति उनकी निष्ठा है। यह मामला यूक्रेन के भीतर जटिल पहचान और भू-राजनीतिक तनाव को दर्शाता है। ये सैनिक अपने फैसले के पीछे सामाजिक और सांस्कृतिक कारणों को बताते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यूक्रेन में रूसी भाषी आबादी के लिए स्थिति कितनी जटिल है। इस घटना ने युद्ध के मानवीय पहलू और व्यक्तिगत कहानियों पर प्रकाश डाला है।

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