यूक्रेन ने रूस में तेल और हथियार संबंधी बुनियादी ढाँचे पर हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। यह कदम यूक्रेन को पश्चिमी देशों से मिल रही सहायता और यूरोपीय संघ के साथ सदस्यता वार्ता की शुरुआत के बीच उठाया गया है। इन हमलों के कारण मास्को में पेट्रोल की कमी देखी जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ क्षेत्रों में ‘तेल की बारिश’ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। रूसी अधिकारियों ने इन हमलों की पुष्टि की है, लेकिन क्षति की सीमा को कम करके आंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करना और घरेलू स्तर पर दबाव बढ़ाना है। इस स्थिति से रूस की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। हमलों के कारण मास्को और अन्य शहरों में ईंधन की आपूर्ति बाधित हो सकती है।
