यूक्रेनी दार्शनिक डॉ. व्लोदिमीर येर्मोलेंको का मानना है कि यूक्रेन में युद्ध केवल एक सैन्य टकराव नहीं है, बल्कि यह पूरे यूरोप के भविष्य का सवाल है। कीव पर हालिया विनाशकारी मिसाइल हमले के कुछ घंटों बाद उन्होंने कहा कि रूस द्वारा आवासीय क्षेत्रों पर लगातार हमले सैन्य निराशा को दर्शाते हैं, सफलता को नहीं। उनका तर्क है कि यूक्रेन की तुलनात्मक बढ़त असममित युद्ध, तकनीकी नवाचार और नागरिक समाज की सक्रियता में निहित है। येर्मोलेंको ने चेतावनी दी है कि यूरोपीय समर्थन केवल एकजुटता का कार्य नहीं है, बल्कि यह पूरे महाद्वीप के आत्म-संरक्षण का मामला है। यूक्रेन का पतन यूरोपीय संघ के अंत और यूरोप के भविष्य को खतरे में डाल सकता है। यूरोपीय देशों को यूक्रेन का समर्थन जारी रखना चाहिए।