एक अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन में पाया गया है कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध का चेर्नोबिल क्षेत्र के वन्यजीवों के व्यवहार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। हिरण, लोमड़ी और अन्य प्रजातियों में सैन्य गतिविधियों से जुड़े बदलाव देखे गए हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि युद्ध के कारण होने वाला शोर, कंपन और मानवीय हस्तक्षेप, जानवरों के सामान्य जीवनचर्या को बाधित कर रहा है। चेर्नोबिल, जो पहले से ही 1986 की परमाणु आपदा के कारण वन्यजीवों के लिए एक अनूठा वातावरण था, अब युद्ध के कारण अतिरिक्त तनाव का सामना कर रहा है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि जानवरों की आवाजाही और भोजन की तलाश के पैटर्न में बदलाव आया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन परिवर्तनों के दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन करने के लिए आगे की निगरानी आवश्यक है। यह निष्कर्ष युद्ध के पारिस्थितिक परिणामों पर प्रकाश डालता है।