यूक्रेन में चल रहे युद्ध में, रूस पर यूक्रेन द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमलों के बावजूद, मॉस्को ने अपनी परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं किया है। रूस के पास दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार होने के बावजूद, युद्ध एक गतिरोध में फंसा हुआ है। पूर्वी डोनबास क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र रूसी नियंत्रण में है, लेकिन रूसी सेना की जमीनी प्रगति बेहद धीमी है, प्रतिदिन मुश्किल से 100 मीटर बढ़ पा रही है। यह स्थिति रूस की परमाणु धमकी की खोखलीपन को उजागर करती है। विश्लेषकों का मानना है कि रूस परमाणु हथियारों का उपयोग करने से इसलिए हिचकिचा रहा है क्योंकि यह वैश्विक स्तर पर गंभीर प्रतिक्रिया को जन्म देगा। यह युद्ध परमाणु निवारण के सिद्धांतों पर भी सवाल उठाता है। वर्तमान में, युद्ध के जल्द खत्म होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है।