यूक्रेन में चल रहे युद्ध के करीब एक छोटे से घोंसले की खोज ने वैज्ञानिकों का ध्यान आकर्षित किया है। यह घोंसला ऑप्टिकल फाइबर के तारों और घास से बना है। ये वही तार हैं जिनका उपयोग ड्रोन युद्ध में किया जाता है, जो अब युद्ध के मैदान में प्रमुख है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह घटना दर्शाती है कि चार साल से अधिक समय से चल रहा संघर्ष प्राकृतिक पर्यावरण को किस प्रकार बदल रहा है। यह दर्शाता है कि वन्यजीव भी युद्ध की परिस्थितियों के अनुकूल हो रहे हैं। घोंसले का मिलना युद्ध के कारण पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभाव का एक असामान्य उदाहरण है। इससे यह भी पता चलता है कि जीवन युद्ध के बीच भी रास्ता खोज लेता है।