यूक्रेन पिछले दो वर्षों से लगातार रूस के तेल उद्योग की नींव को कमजोर कर रहा है। प्रारंभ में, यह अभियान रूसी सेना को ईंधन से वंचित करने पर केंद्रित था। बाद में, इसका लक्ष्य रूसी अर्थव्यवस्था को एक व्यवस्थित संकट में डालना था। यूक्रेन ने रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और परिवहन बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं। यह तेल युद्ध का एक नया मोर्चा है, जहाँ यूक्रेन रूस की समुद्री लॉजिस्टिक्स को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य रूसी अर्थव्यवस्था को व्यापक नुकसान पहुँचाना है, न कि केवल सैन्य अभियानों को प्रभावित करना। यूक्रेन का यह प्रयास रूस के तेल निर्यात और राजस्व को कम करने का प्रयास है।