यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण रूस का तेल उत्पादन मई में गिर गया है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के अनुसार, उत्पादन लगभग 8.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत और मासिक योजना से 10 प्रतिशत कम है। यह गिरावट सीधे तौर पर यूक्रेन के हमलों से जुड़ी हुई मानी जा रही है। तेल उत्पादन में यह कमी रूस की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन का लक्ष्य रूस के तेल राजस्व को कम करके उसकी युद्ध क्षमताओं को कमजोर करना है। इस स्थिति से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी अस्थिरता आ सकती है। आईईए इस मामले पर लगातार निगरानी रख रही है और आगे के प्रभावों का आकलन कर रही है।