यूक्रेन द्वारा किए गए हमलों के बाद मॉस्को स्थित एक प्रमुख तेल शोधन कारखाना कई महीनों के लिए बंद हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रूस में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में गंभीर कमी आ सकती है। कारखाने के संचालन में पुनर्स्थापना में कम से कम छह महीने लगने का अनुमान है। इस घटना से रूस की ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। यूक्रेनी हमलों का उद्देश्य रूस की तेल प्रसंस्करण क्षमता को कमजोर करना है, जिससे उसकी युद्ध मशीन को ईंधन की आपूर्ति बाधित हो सके। यह हमला रूस के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक झटका माना जा रहा है। स्थिति की निगरानी की जा रही है और आगे के प्रभावों का आकलन किया जा रहा है।