यूक्रेन द्वारा रूस की रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों के बावजूद, रूस में ईंधन की कमी के कारण व्लादिमीर पुतिन शांति के लिए कोई रियायत देने की संभावना नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि रूस अपने रणनीतिक भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों के माध्यम से इस कमी को दूर करने में सक्षम है। इस स्थिति से यूक्रेन की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं, जिसका उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करना था। फिलहाल, रूस के तेल उत्पादन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की संभावना कम है। ईंधन की कमी से घरेलू स्तर पर असंतोष बढ़ सकता है, लेकिन पुतिन सरकार के लिए यह तत्काल खतरा नहीं है। युद्ध जारी रहने की उम्मीद है, और यूक्रेन को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।

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