यूक्रेन की संसद ने राष्ट्रपति द्वारा पहले से ही नामित प्रधानमंत्री को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय राष्ट्रपति के फैसले के बाद आया है, जिससे यह सवाल उठता है कि वास्तविक निर्णय प्रक्रिया क्या थी। आधिकारिक दस्तावेजों से पता चलता है कि राष्ट्रपति ने पहले ही प्रधानमंत्री का चुनाव कर लिया था और संसद केवल इस निर्णय को औपचारिक रूप दे रही थी। इस घटना ने यूक्रेन में शक्ति के संतुलन और संसदीय स्वायत्तता के बारे में नई बहस छेड़ दी है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह राष्ट्रपति के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है, जबकि अन्य का कहना है कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं मिश्रित रही हैं, कुछ पार्टियां इस कदम का समर्थन कर रही हैं जबकि अन्य ने चिंता व्यक्त की है। फिलहाल, यूक्रेन सरकार अब नए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काम करेगी।