यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पोलैंड के सर्वोच्च सम्मान 'व्हाइट ईगल' को वापस करने का निर्णय लिया है। यह कदम दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हुए एक नरसंहार को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद के बाद उठाया गया है। विवाद की मुख्य वजह ज़ेलेंस्की द्वारा अपनी सेना की एक इकाई का नाम उन राष्ट्रवादी विद्रोहियों के नाम पर रखना है, जिन्होंने युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों का कत्लेआम किया था। पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नावरोकी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि परिणाम स्वरूप ज़ेलेंस्की को इस सम्मान से वंचित किया जा रहा है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने पोलैंड के बयानों की आलोचना की है। उन्होंने चेतावनी दी कि दोनों देशों के बीच इस तरह के तनाव का एकमात्र लाभ रूस को मिलेगा। यह घटनाक्रम यूक्रेन और पोलैंड के राजनयिक संबंधों में एक गंभीर मोड़ को दर्शाता है।