कीव इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशियोलॉजी के एक सर्वेक्षण के अनुसार, यूक्रेन के 56% नागरिकों का मानना है कि अमेरिका, रूस के प्रति रियायतें देने के लिए यूक्रेन पर दबाव बना रहा है। यह धारणा युद्ध को लेकर थकान बढ़ने की चिंताओं के बीच उभरी है। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि अधिकांश यूक्रेनी नागरिक अपने देश के क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी कीमत पर लड़ने के लिए तैयार हैं, भले ही इसके लिए पश्चिमी समर्थन कम हो जाए। हालांकि, एक महत्वपूर्ण संख्या का मानना है कि अमेरिका की प्राथमिकताएं बदल रही हैं और वह संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है, भले ही इसका मतलब कुछ क्षेत्रीय नुकसान हो। यह सर्वेक्षण यूक्रेन में जनता की राय का एक महत्वपूर्ण संकेत है और यह पश्चिमी देशों के लिए यूक्रेन के प्रति अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने का आह्वान कर सकता है। सर्वेक्षण में विभिन्न क्षेत्रों और जनसांख्यिकी समूहों के लोगों को शामिल किया गया था, जिससे परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ जाती है। यह निष्कर्ष यूक्रेन और पश्चिमी देशों के बीच संबंधों में संभावित तनाव को दर्शाता है।