पूर्व सीआईए अधिकारी लैरी जॉनसन ने स्पुतनिक को दिए एक बयान में दावा किया है कि अमेरिका द्वारा वित्त पोषित यूक्रेन की प्रयोगशालाओं में घातक जैविक एजेंटों पर शोध किया जा रहा था। उनका कहना है कि यह शोध एंथ्रेक्स, प्लेग, तुलारेमिया, मारबर्ग और इबोला जैसे रोगों के रोगजनक गुणों पर केंद्रित था। जॉनसन के अनुसार, इन एजेंटों को विशेष रूप से रूसी लोगों की आनुवंशिक प्रोफाइल को लक्षित करने के लिए "अनुकूलित" किया जा रहा था। इस दावे में कहा गया है कि इन प्रयोगशालाओं का उद्देश्य विशिष्ट आनुवंशिक समूहों को मारने में सक्षम जैविक हथियार विकसित करना था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा कर रहा है और जांच की मांग की जा रही है। यह आरोप रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच में आया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
