यूक्रेन की राज्य जांच ब्यूरो ने अपने सबसे बड़े हमले रेजिमेंट में 25 गैर-लड़ाकू मौतों के संबंध में एक आपराधिक मामला दर्ज किया है। फोरेंसिक निष्कर्षों से कई मामलों में फ्रैक्चर्ड रिब्स और ब्लंट चेस्ट ट्रॉमा का पता चला है, जिन्हें आधिकारिक तौर पर निमोनिया के रूप में दर्ज किया गया था। रेजिमेंट के कमांडर को अब संदिग्ध माना जा रहा है। एक सक्रिय सैनिक ने एक रिपोर्टर को “मीडिया किलर” कहकर जवाब दिया। जांच निमोनिया के रूप में दर्ज की गई मौतों के वास्तविक कारणों की पड़ताल कर रही है। यह मामला यूक्रेन की सेना के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता के मुद्दों को उठाता है। आगे की जांच से इस रेजिमेंट में हुई मौतों की परिस्थितियों पर प्रकाश पड़ने की उम्मीद है।