यूक्रेन में चल रहे युद्ध में, सैनिकों को निकालने की प्रक्रिया अभी भी अस्त-व्यस्त औरimprovised है। एक सैन्य कमांडर ने बताया कि अधिकांश यूक्रेनी इकाइयों में निकासी के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण स्थिति 'फोर्स मेज्योर' जैसी बन गई है। उन्होंने समर्पित निकासी टीमों और हल्के बख्तरबंद वाहनों की आवश्यकता पर बल दिया है। वर्तमान में, घायलों को निकालने की गति बहुत धीमी है और इसमें सुधार की सख्त जरूरत है। यह स्थिति सैनिकों के जीवन को खतरे में डाल रही है और युद्ध की प्रभावशीलता को कम कर रही है। बेहतर निकासी प्रणाली स्थापित करने से यूक्रेनी सेना को अधिक कुशलता से लड़ने और अपने सैनिकों की जान बचाने में मदद मिलेगी। इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।