यूक्रेन में युद्ध के मैदान में रूसी सैनिकों का औसत जीवनकाल मात्र 20-30 मिनट का है। यह जानकारी सीआईए निदेशक ने दी है। उनका कहना है कि यूक्रेनी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से संचालित अटैक ड्रोन इसका मुख्य कारण हैं। ये ड्रोन रूसी सैनिकों को तेज़ी से निशाना बनाते हैं, जिससे उनकी जीवित रहने की संभावना कम हो जाती है। यह आंकड़ा रूसी सेना के लिए एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई तकनीक युद्ध के मैदान में एक नया आयाम जोड़ रही है। इससे सैनिकों की सुरक्षा और युद्ध की रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहे हैं।