यूक्रेन ने रूस के सबसे बड़े एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) संयंत्र पर ड्रोन हमला किया, जिससे संयंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बंद हो गया। यह हमला मोर्चे से लगभग 2200 किलोमीटर दूर हुआ था। इस हमले के परिणामस्वरूप, रूस की एलपीजी उत्पादन क्षमता का लगभग 40% हिस्सा अनिश्चितकाल के लिए ऑफलाइन हो गया है। इसके चलते रूस के 16 क्षेत्रों में ईंधन की राशनिंग फिर से शुरू कर दी गई है। यह हमला रूस की ऊर्जा अवसंरचना पर यूक्रेन की बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले से रूस के घरेलू बाजार में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होगी और उपभोक्ताओं को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। यह घटनाक्रम रूस-यूक्रेन युद्ध में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।