यूक्रेन ने अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद जैविक हथियारों के विकास में शामिल होने से इनकार किया है। अमेरिकी खुफिया विभाग की पूर्व अधिकारी तुलसी गैबार्ड ने दावा किया था कि यूक्रेन में 30 से अधिक देशों में फैले 120 जैविक अनुसंधान प्रयोगशालाओं में से कुछ, रूस-यूक्रेन संघर्ष से खतरे में हैं। गैबार्ड के अनुसार, ये प्रयोगशालाएँ, जिन्हें अमेरिकी सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाता है, खतरनाक और अत्यधिक संक्रामक रोगजनकों का उपयोग करके अनुसंधान करती हैं या कर चुकी हैं। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को निराधार बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन जैविक हथियारों के विकास से संबंधित किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ रहा है, और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
