यूक्रेन के साथ सुरक्षा समझौता तय न हो पाने से ऑस्ट्रेलिया की सैन्य तकनीकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। यह समझौता ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में यूक्रेन के विशेषज्ञता का लाभ उठाने में रुकावट डाल रहा है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार यूक्रेन के साथ इस समझौते को लेकर गंभीर है, क्योंकि इससे युद्ध के बदलते स्वरूप को समझने और उसका मुकाबला करने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस देरी से ऑस्ट्रेलिया को एक हाथ बांधकर लड़ने की स्थिति में मजबूर होना पड़ सकता है। यूक्रेन युद्ध में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल में अग्रणी रहा है और ऑस्ट्रेलिया इस अनुभव से सीखना चाहता है। फिलहाल, समझौते में कानूनी और राजनीतिक जटिलताओं के कारण विलंब हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान कर रहा है, लेकिन दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग के लिए एक औपचारिक समझौते की आवश्यकता है।