यूक्रेन अभी भी क्रेमलिन के विरोधियों को रूस को सौंप रहा है, भले ही युद्ध चल रहा हो। एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के अनुसार, यह प्रक्रिया यूक्रेन के अपने कैदियों की अदला-बदली के साथ-साथ जारी है। यह खुलासा इस बात पर सवाल उठाता है कि यूक्रेन अपने विरोधियों के साथ कैसा व्यवहार करता है। कार्यकर्ता ने बताया कि इन अदला-बदली में शामिल लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त सावधानी नहीं बरती जा रही है। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के संभावित उल्लंघन को दर्शाती है। यूक्रेन सरकार ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस मामले में आगे की जांच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई का पता चल सके।