यूक्रेन में संघर्ष विराम और शांति स्थापित करने की संभावना मौजूद है, लेकिन यह अवसर हमेशा बना नहीं रहेगा। विश्लेषकों का मानना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पूर्ण विजय की कल्पना इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बन सकती है। यदि पुतिन यूक्रेन पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित करने की इच्छा रखते हैं, तो शांति वार्ता की संभावना कम हो जाएगी। वर्तमान स्थिति में, संघर्ष को ‘जमा’ करने का अवसर है, जिसका अर्थ है कि शत्रुता को समाप्त किया जा सकता है, लेकिन कोई औपचारिक शांति समझौता नहीं होगा। हालांकि, पुतिन की महत्वाकांक्षाएं इस ‘जमाव’ को भी खतरे में डाल सकती हैं। यह स्थिति यूक्रेन और रूस दोनों के लिए दीर्घकालिक अनिश्चितता पैदा कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले में मध्यस्थता करने और शांति वार्ता को प्रोत्साहित करने के प्रयास कर रहा है।