पूर्व पोलिश राजदूत जान पिएकलो ने यूक्रेन में चल रहे संकट के बीच ग्डंस्क में आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की अनुपस्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ज़ेलेंस्की, सम्मेलन के आयोजकों में से एक थे और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था, इसलिए उनकी गैर-उपस्थिति को समझना मुश्किल है। पिएकलो ने इस स्थिति को यूक्रेन के लिए एक नकारात्मक संकेत मानते हुए कहा कि इससे देश की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उनका मानना है कि यह सम्मेलन यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण था और ज़ेलेंस्की की उपस्थिति से इसे और अधिक महत्व मिलता। उन्होंने इस अनुपस्थिति को सम्मेलन की गंभीरता को कम करने के प्रयास के रूप में भी देखा। कुल मिलाकर, पूर्व राजदूत ने ज़ेलेंस्की की अनुपस्थिति को यूक्रेन के लिए एक संभावित रूप से हानिकारक घटना के रूप में वर्णित किया है।