यूके सरकार सोशल मीडिया कंपनियों को विश्वसनीय समाचार स्रोतों को प्राथमिकता देने के लिए बाध्य करने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन गलत सूचना और दुष्प्रचार का मुकाबला करना है। प्रस्तावित नियमों के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 'मान्यता प्राप्त' समाचार संगठनों की सामग्री को अधिक प्रमुखता देनी होगी। सरकार का मानना है कि इससे जनता को सटीक और भरोसेमंद जानकारी तक पहुंच प्राप्त करने में मदद मिलेगी। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह सेंसरशिप का मार्ग प्रशस्त कर सकता है और स्वतंत्र पत्रकारिता को नुकसान पहुंचा सकता है। इस प्रस्ताव पर अभी भी विचार किया जा रहा है और अंतिम रूप से कानून बनने में समय लग सकता है। सरकार इस मुद्दे पर हितधारकों के साथ परामर्श कर रही है।
