शिक्षकों और सरकार के बीच बातचीत शुरू करने की कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई है। सरकार अभी तक ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं बना पाई है जिसे शिक्षक स्वीकार करें। इस गतिरोध के कारण आने वाले समय में और अधिक हड़तालें हो सकती हैं। शिक्षकों का insist करना है कि यह लड़ाई केवल उनके वेतन तक सीमित नहीं है। वे अपनी अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर भी जोर दे रहे हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच कोई स्पष्ट संवाद नहीं हो पा रहा है। जब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।