इज़राइल सरकार, ब्रिटेन के विदेश सचिव द्वारा घोषित कदम से बचने के लिए और अधिक कर सकती थी। हालांकि, उसने लंदन को डबलिन और मैड्रिड के रास्ते पर जाने दिया। यह कदम वेस्ट बैंक में कार्रवाई करने में विफलता और पश्चिमी क्षेत्र में निष्क्रियता के परिणामस्वरूप आया है। यूके द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को इज़राइल की अपनी नीतिगत विफलताओं का परिणाम माना जा रहा है। इस स्थिति से इज़राइल की अंतर्राष्ट्रीय छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह निर्णय इज़राइल और यूके के बीच संबंधों में तनाव भी बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इज़राइल को भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है।