प्रधानमंत्री ने बीबीसी को दिए साक्षात्कार में कहा है कि सामाजिक देखभाल प्रणाली में व्यापक बदलाव लाए बिना राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) का पतन неизбежен है। उन्होंने इस प्रणाली में "पर्याप्त बदलाव" लाने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की है, और कहा है कि वे पद छोड़ने से पहले ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री का कहना है कि एनएचएस पर बढ़ते दबाव को कम करने और भविष्य में इसकी स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक देखभाल प्रणाली में सुधार आवश्यक है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक जटिल मुद्दा है, लेकिन उन्होंने समाधान खोजने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस बयान से पता चलता है कि सरकार सामाजिक देखभाल प्रणाली को प्राथमिकता दे रही है, जो बुजुर्गों और कमजोर लोगों को सहायता प्रदान करती है। प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सार्वजनिक बहस को बढ़ावा देना भी है।

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