यूके के प्रधानमंत्री ने यूके-ईयू संबंधों के भविष्य पर बर्नम में एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि यूके के लोगों का अंतिम निर्णय महत्वपूर्ण होगा, और उनका मानना ​​है कि वर्तमान में सार्वजनिक राय एक यथार्थवादी दृष्टिकोण का समर्थन करती है। प्रधानमंत्री ने मौजूदा स्थिति को पर्याप्त नहीं बताते हुए, विकल्पों पर गंभीर बातचीत की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूके के लोगों को हर कदम पर जानकारी दी जाएगी और उनकी राय को महत्व दिया जाएगा। यह बयान यूके और यूरोपीय संघ के बीच भविष्य के संबंधों पर बातचीत की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। प्रधानमंत्री ने एक व्यावहारिक और तर्कसंगत दृष्टिकोण अपनाने का संकेत दिया है जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह यूके और यूरोपीय संघ के बीच निरंतर संवाद और सहयोग के लिए एक आधार प्रदान कर सकता है।