बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। मध्य पूर्व में शांति लौटने और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में गिरावट के प्रभाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बैंक का मानना है कि ऊर्जा कीमतों में कमी से मुद्रास्फीति पर दबाव कम होगा। हालांकि, मुद्रास्फीति अभी भी लक्ष्य से ऊपर है, इसलिए बैंक भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव करने के लिए तैयार है। यह निर्णय ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में आर्थिक स्थिति के आधार पर बैंक ऑफ़ इंग्लैंड आगे कोई निर्णय ले सकता है।