ब्रिटिश ग्रीन पार्टी के नेता को इज़राइल ने पार्टी के एक फैसले के बाद देश में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया है। पार्टी सदस्यों ने ज़ायोनीवाद को नस्लवाद का एक रूप घोषित किया था। पोलान्स्की ने मतदान में भाग नहीं लिया, लेकिन उन्होंने पहले इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। इस फैसले से इज़राइल और ब्रिटिश ग्रीन पार्टी के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। यह घटना ज़ायोनीवाद और नस्लवाद के बारे में चल रही बहस को भी उजागर करती है। माना जा रहा है कि इस प्रतिबंध का उद्देश्य ज़ायोनीवाद की आलोचना करने वाली आवाज़ों को दबाना है। यह कदम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय बन सकता है।