आगामी बुधवार को पूरे देश में हड़ताल होने वाली है, जिसे यूनियनों का कहना है कि यह 2009 के वित्तीय संकट के चरम के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी हड़ताल होगी। यह हड़ताल विभिन्न मुद्दों को लेकर है और इसका व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है। हड़ताल में शामिल होने वाले विभिन्न क्षेत्रों और संगठनों की जानकारी अभी तक प्राप्त हो रही है। इस हड़ताल का उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना है ताकि वे श्रमिकों की मांगों को पूरा करें। हड़ताल से परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं में व्यवधान होने की आशंका है। श्रमिकों का कहना है कि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो हड़ताल जारी रहेगी।