वरिष्ठ ब्रिटिश सरकारी सूत्रों ने संयुक्त राज्य अमेरिका को स्पष्ट किया है कि इज़राइल पर ब्रिटेन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को सार्वजनिक रूप से बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उनका कहना है कि इन प्रतिबंधों का ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संबंधों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। ब्रिटेन का रुख़ यह स्पष्ट करने का प्रयास है कि वे इज़राइल के प्रति अपनी नीति में बदलाव नहीं कर रहे हैं। इस मामले में पर्दे के पीछे कूटनीति चल रही है ताकि किसी भी गलतफहमी से बचा जा सके। ब्रिटिश सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रांसअटलांटिक संबंध मजबूत बने रहें। यह स्पष्टीकरण, डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन की संभावित प्रतिक्रियाओं को शांत करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। इस कदम से दोनों देशों के बीच बेहतर समझ और सहयोग की उम्मीद है।