राजनीतिक विश्लेषक पंगी शर्वी चानियागो का मानना है कि गाजा मादा विश्वविद्यालय (यूजीएम) में ‘कोपदार बरेंग मास दार’ संवाद के दौरान हुई झड़पें जनता के सरकार पर बढ़ते अविश्वास का परिणाम हैं। उन्होंने इस घटना को जनता के लंबे समय से जमा हुए गुस्से का प्रकटीकरण बताया है। यह टकराव सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास की कमी को दर्शाता है। चानियागो के अनुसार, यह एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि व्यापक असंतोष का प्रतीक है। संवाद में हुई अशांति जनता की निराशा और शिकायतों को उजागर करती है। यह घटना सरकार के लिए एक चेतावनी है कि जनता की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इस तरह की घटनाओं से भविष्य में सामाजिक अशांति बढ़ने की आशंका है।