विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. मामून अहमद ने अनुसंधान परियोजनाओं के मूल्यांकन प्रक्रिया में विश्वास, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया है। उन्होंने मूल्यांकनकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शोधकर्ता मूल्यांकन में भेदभाव का शिकार न हो। उन्होंने यह बात गुरुवार (11 जून) को यूजीसी में आयोजित ‘इम्प्रूविंग कंप्यूटर एंड सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग…’ कार्यक्रम में कही। प्रोफेसर अहमद ने मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता बढ़ाने और शोधकर्ताओं को समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष मूल्यांकन से ही उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में प्रगति संभव है। यूजीसी, अनुसंधान परियोजनाओं के मूल्यांकन में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। यह कदम, अनुसंधान क्षेत्र में अधिक जवाबदेही और गुणवत्ता लाने में सहायक होगा।