युगांडा में नागरिक समाज संगठनों ने संसद की सरकारी ऋणों की समीक्षा करने की संवैधानिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि कमजोर निगरानी के कारण देश का सार्वजनिक ऋण बढ़ रहा है और ऋण-वित्त पोषित परियोजनाओं से खराब परिणाम मिल रहे हैं। सांसदों और नागरिक समाज संगठनों के बीच आयोजित एक संवाद में यह चिंता व्यक्त की गई। संगठन इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि संसद को अपनी निगरानी भूमिका को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाना चाहिए। उन्होंने ऋण लेने से पहले परियोजनाओं के उचित मूल्यांकन और पारदर्शिता की आवश्यकता पर बल दिया। यह स्थिति युगांडा की आर्थिक स्थिरता के लिए एक चुनौती बन सकती है, इसलिए इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संसद को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

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